नीमच। जिले के जावद तहसील के कानका गाँव निवासी मोहनदास बैरागी जो विद्युत विभाग में एक आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे, एक गंभीर हादसे का शिकार हो गए हैं। पिछले महीने बिजली का काम करते समय उन्हें एक भयानक बिजली का झटका लगा, जिसके कारण उनका एक हाथ काटना पड़ा। आरोप है कि उनकी नियोक्ता कंपनी मुंबई की मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड ने इस हादसे के बाद उन्हें कोई भी बीमा लाभ नहीं दिया है, जबकि हर महीने उनके वेतन से इसके लिए प्रीमियम काटा जाता था।
मोहनदास बैरागी ने इस संबंध में जिलाधीश को एक लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद कंपनी के किसी भी प्रतिनिधि ने उनकी सुध नहीं ली। वे अपने परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे और अब उनके पास इलाज व घर चलाने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वह इस मामले की जांच करवाएं और उन्हें उनका हक दिलाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कंपनी ने पहले भी ऐसे हादसों में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों को कोई लाभ नहीं दिया है।