नीमच शहर के स्टेशन रोड क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज को लेकर स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और रहवासियों ने गहरी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पहले स्वीकृत नक्शा जनहित और पर्यावरण की दृष्टि से उपयुक्त था, जबकि अब प्रस्तावित नया नक्शा न केवल जनविरोधी है, बल्कि सैकड़ों लोगों की आजीविका और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला भी है।ज्ञात हो कि स्टेशन रोड स्थित रेलवे फाटक पर एक ओवरब्रिज निर्माण की योजना वर्षों से लंबित थी, जिसका नक्शा पूर्व में सर्वेक्षण व निरीक्षण के बाद स्वीकृत किया गया था। यह ओवरब्रिज रेलवे के एक बंगले के ऊपर से होते हुए पुरानी कृषि उपज मंडी की खाली भूमि से गुजरता हुआ नेबड़ा रोड से जुड़ता था। इससे न तो किसी निजी संपत्ति का अधिग्रहण होता, और न ही किसी भी व्यवसायी या निवासी को नुकसान होता।लेकिन हाल ही में नागरिकों को पता चला कि उक्त नक्शे को बदलकर नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें ब्रिज को सीधे स्टेशन रोड क्षेत्र से होते हुए मंडी गेट नंबर 2 के रास्ते निकाला जाना है। इस प्रस्ताव के विरुद्ध क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने एकजुट होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। नागरिकों की आपत्ति है कि नया नक्शा लागू होने से स्टेशन रोड की दोनों ओर स्थित सैकड़ों दुकानें और मकान प्रभावित होंगे, जिसमें करीब 500 परिवार निवास करते हैं।सड़क किनारे व्यापार कर जीवन यापन करने वाले छोटे दुकानदार, ठेले वाले, सब्जी-फल विक्रेता, फूल-माला, मनिहारी आदि व्यवसाय पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।क्षेत्र में लगे हरे-भरे पेड़-पौधों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यावरण को भारी नुकसान होगा।क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि ओवरब्रिज निर्माण पूर्व में स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही किया जाए, जो न केवल व्यावहारिक है, बल्कि जनसुविधा, यातायात प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से भी सर्वाेत्तम है।