जावरा। तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी सुनील देवड़ा ने गांव उपलाई और ऊनखेडी में अतिवृष्टि और जलभराव से प्रभावित फसलों का किया निरीक्षण। मौके पर सर्वे में यह पाया गया कि किसानों की फसलें, विशेषकर सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलें, पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
सरपंच प्रतिनिधि सुमेर सिंह सोलंकी ने बताया कि खरीफ फसल से ही किसानों के परिवार का भरण-पोषण होता है और इससे जो बचत होती है, उससे रबी सीजन की फसल की तैयारी की जाती है। लेकिन इस बार फसल बर्बाद होने से लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है और अगली फसल की तैयारी पर संकट खड़ा हो गया है।
निरीक्षण के दौरान उपलाई के कई किसान मौजूद थे, जिनमें महेश गोवरिया, सत्यनारायण मेहता, बबलू मेहता, प्रभुलाल चोधरी, श्याम मेहता, मनोहर धाकड़, रामचंद्र राठोड़, राकेश मेहता और प्रभुलाल मेहता शामिल थे।