मंदसौर। मध्यप्रदेश का गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट शुक्रवार से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फेस्टिवल का शुभारंभ किया। देर शाम अंधेरा होने के कारण उनका हेलिकॉप्टर नहीं उड़ सका, जिसके चलते वे हिंगलाज फोर्ट पर रात्रि विश्राम करेंगे और शनिवार सुबह भोपाल रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में कहीं पीला मौजेक, कहीं अधिक बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को सर्वे के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि “जहाँ भी किसानों को तकलीफ हुई है, सरकार उसकी पूरी भरपाई करेगी।” उन्होंने कहा कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपए क्विंटल तक पहुँच चुका है और आने वाले समय में इसे और बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “माता-बहनों के मान-सम्मान पर कांग्रेसियों की आपत्तिजनक टिप्पणियों का हिसाब चुकता होगा।”
क्षेत्र की पहचान पर गर्व जताते हुए उन्होंने कहा कि मंदसौर-नीमच की परंपरा में अफीम की भाजी का विशेष महत्व है। साथ ही गांधीसागर की प्राकृतिक सुंदरता को स्विट्जरलैंड से बेहतर बताते हुए कहा कि यहाँ चीता और गिद्ध संरक्षण पर्यटन को नई पहचान देगा।
मुख्यमंत्री ने भगवान पशुपतिनाथ और क्षेत्र की सांस्कृतिक-धार्मिक धरोहर का भी उल्लेख किया और कहा कि “प्रकृति की लीला और जीवन के चारों अवस्था का चित्र इसी क्षेत्र में मिलता है।