मंदसौर। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में शनिवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हॉट एयर बैलून सफर के लिए सवार हुए। इस दौरान हवा की तेज़ रफ्तार (15 से 20 किमी प्रतिघंटा) के कारण बैलून उड़ान नहीं भर सका। इसी बीच एयर भरते समय बैलून के निचले हिस्से में आग लग गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल आग पर काबू पाया। वहीं, सुरक्षा कर्मियों ने सीएम की ट्रॉली को संभालकर उन्हें सुरक्षित रखा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता के साथ बैलून सफर के लिए बैठे थे। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 6 से 7.30 बजे के बीच हवा की गति लगभग शून्य रहती है, जबकि उड़ान के दौरान हवा की गति 20 किमी प्रति घंटा तक पहुँच गई थी। इस कारण बैलून उड़ान नहीं भर सका।

इससे पहले शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री ने गांधीसागर फेस्टिवल के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया था। रात को वे हिंगलाज रिसॉर्ट में रुके और चंबल डैम के बैकवॉटर एरिया में क्रूज़ का आनंद लिया। शनिवार सुबह उन्होंने बोटिंग भी की।

घटना के बाद उपकरणों की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठे हैं। लल्लू एंड संस नामक कंपनी के उपकरणों की विश्वसनीयता पर भी चर्चा शुरू हो गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वीवीआईपी के लिए उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों में इतनी बड़ी चूक गंभीर चिंता का विषय है। कलेक्टर अदिति गर्ग ने इसका खंडन जारी करते हुए बताया कि कुछ माध्यमों में हॉट एयर बैलून से संबंधित भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि एयर बैलून संचालन में किसी प्रकार की सुरक्षा चूक नहीं हुई। माननीय मुख्यमंत्री केवल एयर बैलून का निरीक्षण करने पहुंचे थे। हॉट एयर बैलून गर्म हवा से संचालित होता है और प्रक्रिया के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। नागरिकों से अपील है कि वे असत्य व भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।

सीएम ने कार्यक्रम के दौरान कहा- “गांधीसागर पर्यटकों के लिए स्वर्ग समान है। यहां प्राकृतिक धरोहर और वन्यजीव संपदा भरपूर है। विदेश जाने की क्या ज़रूरत, जब हमारे पास ही ऐसी अद्भुत जगहें मौजूद हैं।
