नीमच। स्टेशन रोड पर प्रस्तावित ओवरब्रिज को लेकर मंगलवार शाम स्थानीय रहवासियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में यह बात स्पष्ट हुई कि स्टेशन रोडवासी पुल का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि चाहते हैं कि ओवरब्रिज बने, परंतु इसकी दिशा और उपयोगिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
रहवासियों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज स्टेशन रोड की ओर उतरेगा तो इसका नुकसान स्टेशन रोडवासियों से ज्यादा बघाना क्षेत्र और आसपास के 10 गाँवों की लगभग 50 हजार जनता को होगा। बैठक में बताया गया कि अंडरब्रिज की लंबाई करीब 100 मीटर है, जबकि ओवरब्रिज की लंबाई लगभग 1 किलोमीटर होगी। ऐसे में इसका उपयोग मुख्यतः भारी वाहनों तक सीमित रह जाएगा और मंडी गेट पर पहले से मौजूद जाम की समस्या और बढ़ जाएगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि ओवरब्रिज का उतराव राज पैलेस होटल की ओर किया जाता है तो इससे दोनों दिशाओं में सुगम मार्ग उपलब्ध होगा और ट्रैफिक का दबाव भी बंट जाएगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र और बघाना से स्टेशन आने वाले यात्रियों को भी स्टेशन तक पहुँचने में सुविधा होगी।
स्थानीयों ने तर्क दिया कि वर्तमान प्रस्तावित स्थल के कारण स्कूली बच्चों, मंदिर दर्शनार्थियों और मंडी आने-जाने वाले ग्रामीणों को लंबा चक्कर काटना पड़ेगा। विशेषकर किलेश्वर महादेव और कालका माता मंदिर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को असुविधा होगी। जबकि राज पैलेस की ओर उतराव होने से न सिर्फ स्टेशन तक पैदल पहुँच आसान होगी बल्कि नवीन चंगेरा मंडी तक जाने में भी आसानी रहेगी।
रहवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि ओवरब्रिज का निर्माण क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता और सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए।