शाजापुर। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में 28 अगस्त 2025 से पूरे प्रदेश में ऑपरेशन “FAST” (Forged Activated Sim Termination) चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य फर्जी सिम कार्डों की पहचान कर आर्थिक अपराध, जालसाजी और धोखाधड़ी में शामिल अनाधिकृत विक्रेताओं एवं अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करना है। जिला शाजापुर में इस अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान चार संदिग्ध सिम विक्रेताओं/एजेंट्स के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
सायबर पुलिस मुख्यालय से प्राप्त शिकायतों की जांच में खुलासा हुआ कि पवन राजपूत (18 वर्ष, ग्राम मेहरखेड़ी) ने पवन मेवाड़ा के आधार कार्ड से सिम जारी की। पहली सिम अपने मित्र दीपक ठाकुर (सायबर ठगी में लिप्त) को देने और दूसरी सिम पवन मेवाड़ा को बेचने की बात स्वीकार की।
कुंदन मालवीय (17 वर्ष, ग्राम झाड़ला) ने अभिषेक राठौर के साथ मिलकर सिम खरीदी और 800 रुपये में बेची। पवन मेवाड़ा ने बताया कि पहली सिम पवन राजपूत ने अपने पास रख ली थी जबकि दूसरी सिम कुछ समय उपयोग के बाद फेंक दी गई।
जांच में आरोपियों पवन राजपूत, कुंदन मालवीय, अभिषेक राठौर और दीपक ठाकुर का कृत्य प्रथम दृष्ट्या धारा 316(2), 318(4) बीएनएस तथा धारा 66(सी) आईटी एक्ट के अंतर्गत पाया गया। इस पर अपराध क्रमांक 333/2025 दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है।
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी शुजालपुर मंडी निरीक्षक शिवकुमार यादव, साइबर सेल प्रभारी विकास तिवारी एवं उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।