मंदसौर। जिले के ग्राम बादपुरा में एक किसान को अपनी सोयाबीन की खड़ी फसल रोटावेटर से नष्ट करनी पड़ी। कारण था फसल का पीला मोजेक वायरस की चपेट में आ जाना। किसान शीतल सिंह बोराना ने बताया कि करीब 5 बीघा में बोई गई सोयाबीन पूरी तरह पीली पड़ गई थी। फूल और फलियां खराब हो गई थीं, पौधे सूखने लगे थे और उत्पादन की संभावना खत्म हो चुकी थी।
लाखों की लागत, लेकिन शून्य उत्पादन-
किसान सुरेश ने बताया कि इस बार बारिश की कमी से खेतों की नमी सूख गई। इसी बीच मोजेक वायरस का प्रकोप बढ़ा और फसल पर भारी असर डाला। बीज, खाद, दवा, निंदाई और जुताई पर हजारों रुपए खर्च करने के बावजूद खेत से कुछ भी उत्पादन नहीं मिल सका। मजबूरन किसान को अपनी मेहनत से खड़ी फसल रोटावेटर से नष्ट करनी पड़ी।
सिर्फ एक खेत नहीं, पूरे क्षेत्र की समस्या-
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल एक किसान तक सीमित नहीं है। मंदसौर जिले के कई गांवों में पीला मोजेक वायरस फैल चुका है और दर्जनों किसानों की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर चुका है।
मुआवजे और सर्वे की मांग-
प्रभावित किसानों शीतल सिंह, मोहन सिंह, मांगीलाल, गोविंदलाल और पवन कुमार ने शासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाए। साथ ही बीमा क्लेम की प्रक्रिया को भी तेज किया जाए, ताकि संकट में फंसे किसानों को राहत मिल सके।
आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान-
किसानों ने बताया कि इस सीजन की फसल से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन मौसम और वायरस ने मेहनत पर पानी फेर दिया। अब परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते मदद नहीं की, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।