नीमच। नूतन विद्यालय नीमच में सोमवार दिनांक 15/ 9/ 2025 को पॉक्सो एक्ट एवं मौलिक अधिकारों के बारे में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे किशोर न्याय बोर्ड नीमच की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट अंकिता गुप्ता मैडम एवं सदस्य ज्योति बेंस एवं विश्वास खंडेलवाल द्वारा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 ( पोक्सो अधिनियम) के विषय पर जानकारी देते बताया कि पोक्सो अधिनियम 2012 भारत का एक कानून है जिसका उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण और यौन हमलों से बचाना है। यह 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे पर लागू होता है, भले ही वह लड़का हो या लड़की, और उन्हें यौन उत्पीड़न, बाल पोर्नाेग्राफी और अन्य संबंधित अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2012 में पॉक्सो कानून के लागू होने के बाद वर्ष 2020 में पॉक्सो अधिनियम में कई अन्य संशोधन के साथ ऐसे अपराधों में मृत्युदंड की सजा का प्रावधान किया गया है।
बालकों को पॉक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्तियों के बहकावे में बालक न आए। इस एक्ट में बचाव के साथ-साथ प्रतिकार धनराशि का भी नियम है। अपराध सिद्ध होने पर अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा भी दी जाती है। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को बाल अधिकार एवं बाल विवाह के संबंध में भी कानूनी जानकारी दी। इस एक्ट की आवश्यकता क्यों पड़ी, एक्ट कब बना आदि के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही कानूनी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 15100 का प्रयोग कैसे करना है आदि के बारे में विस्तार से बताया।
इस कानून के तहत ऐसे अपराधों के लिए विशेष न्यायालय स्थापित किए गए हैं, जिससे बच्चों को तेजी से न्याय मिल सके एवं एनडीपीएस जैसे महत्वपूर्ण एक्ट के बारे में बालकों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।