शाजापुर। गौरक्षा सेना गौसेवा समिति शाजापुर द्वारा श्राद्ध पक्ष के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। समिति ने परंपरा के अनुसार लालपुर स्थित कांजी हाउस में दुर्घटना अथवा बीमारी से मृत गोमाताओं एवं बछड़ों का श्राद्ध तर्पण विधि-विधान से संपन्न किया। इसके बाद महुपुरा स्थित चिलर नदी में तर्पण किया गया। शास्त्रों में वर्णित है कि जैसे मनुष्य अपने पितरों का तर्पण करता है, वैसे ही जगतमाता स्वरूप गोमाता की आत्मा की शांति हेतु भी तर्पण आवश्यक है। इसी परंपरा को समिति ने श्रद्धा और संस्कार के साथ निभाया।
गौरक्षा सेना गौसेवा समिति की गतिविधियाँ-
- दुर्घटना या बीमारी से घायल गोवंश का उपचार एवं सेवा।
- असमर्थ एवं बेसहारा बछड़ों की देखभाल व पालन-पोषण।
- ग्रामीण क्षेत्रों एवं अस्पतालों में जाकर सेवा कार्य।
- मृत गोवंश की आत्मा की शांति हेतु श्रद्धांजलि व तर्पण।
उपलब्धियाँ -
समिति पिछले 12-15 वर्षों से लगातार सक्रिय है और अब तक लगभग 5000 से अधिक गोमाताओं की सेवा, उपचार और संरक्षण कर चुकी है। कई घायल और बीमार गायों को उपचार कर स्वस्थ जीवन प्रदान किया गया है। वर्तमान में समिति से करीब 500 सदस्य जुड़े हैं, जिनमें से 40-50 कार्यकर्ता शाजापुर में सक्रिय रूप से सेवा कार्य कर रहे हैं।
संकल्प-
समिति का मानना है कि गोसेवा ही भारतीय संस्कृति और धर्म का आधार है। हर गोमाता सुरक्षित, स्वस्थ और संरक्षित रहे, यही संगठन का ध्येय है।
तर्पण विधि-विधान से आचार्य पंडित ललित शर्मा द्वारा संपन्न कराया गया। इस अवसर पर समिति के संस्थापक धर्मेंद्र शर्मा, अध्यक्ष अशोक खींची, उपाध्यक्ष लोकेश दरिया, सचिव प्रतीक सक्सेना, मुख्य कार्यकारिणी सदस्य शिवम बिरथरे, नगर अध्यक्ष सुमित गोस्वामी, नगर संगठन मंत्री प्रीतम चौहान, नगर उपाध्यक्ष आकाश माली, अजय राजोरिया, नगर महासचिव हर्षित परमार, नगर सचिव चिंटू परमार, कुणाल चौहान, राम शर्मा, राजेश चौहान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी नगर मीडिया प्रभारी यश चौहान ने दी।