अल्हेड़। गुरुदेव का वचन, विधायक की घोषणा, ग्राम पंचायत की व्यवस्था, आयोजन समिति का सहयोग और बालिकाओं का संकल्पकृइन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप ग्राम पंचायत अल्हेड़ में आत्मरक्षा प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। वर्तमान में 8 वर्ष से 30 वर्ष तक की 100 से अधिक बालिकाएं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ले रही हैं। नीमच की प्रशिक्षक रितु परमार बालिकाओं को आत्मरक्षा के विभिन्न करतब सिखा रही हैं। प्रतिदिन शाम 5 बजे सभी बालिकाएं आईजी माता मंदिर परिसर स्थित डोम में एकत्र होकर प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं।
शिव महापुराण कथा से बनी पहल-
आईमाता मित्र मंडल द्वारा 19 से 25 अगस्त तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया था। कथा वाचक परम पूज्य गुरुदेव पं. सुनील शर्मा (नाहरगढ़) ने घोषणा की थी कि विवाह प्रसंग में प्राप्त राशि बालिकाओं की आत्मरक्षा प्रशिक्षण पर खर्च की जाएगी। इस अवसर पर उपस्थित मनासा विधायक अनिरुद्ध (माधव) मारू ने भी संसाधन उपलब्ध कराने की घोषणा की। आयोजन समिति ने इसके बाद प्रशिक्षण योजना को मूर्त रूप दिया।
व्यवस्था और सहयोग-
कथा के दौरान कन्यादान में प्राप्त ₹12,000 की राशि और अन्य संसाधन विधायक माधव मारू व ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराए गए। ग्राम पंचायत सरपंच आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि समाज में लव जिहाद और छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य-
करीब एक माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में बालिकाओं को जूडो, कराटे, लाठी चलाना, ननचाकू और तलवारबाजी जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में अपनी रक्षा स्वयं कर सकें।
अल्हेड़ की यह पहल न केवल आत्मरक्षा के लिए बल्कि आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी समाज निर्माण की दिशा में भी एक प्रेरक कदम है।