मनासा। देवरी खवासा क्षेत्र में गुरुवार को हुई झमाझम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले से ही कीटों के प्रकोप से प्रभावित सोयाबीन फसल पर आसमान से बरसे पानी ने अंतिम वार कर दिया। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे बचे-खुचे पौधे भी गलकर नष्ट हो गए।
किसानों ने बताया कि इस सीजन में उन्होंने सोयाबीन पर भारी लागत लगाई थी, लेकिन अब न तो कटाई योग्य फसल बची है और न ही मंडियों में बेचने लायक दाना। वर्तमान में भाव 4500 से 4800 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं, ऐसे में उत्पादन न मिलने से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
कर्ज लेकर बोई गई फसल पूरी तरह चौपट होने से किसानों के सामने परिवार का भरण-पोषण और अगली फसल की तैयारी का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने शासन-प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवज़ा और बीमा क्लेम की त्वरित कार्यवाही की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर मदद नहीं मिली तो अनेक किसान आर्थिक संकट में फंसकर कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे।