रतनगढ़। चारण समाज के प्रति अशोभनीय एवं जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में समाज के लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में विधायक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, पुलिस अधीक्षक नीमच तथा थाना प्रभारी रतनगढ़ को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रार्थी कैलाशचंद्र चारण निवासी ग्राम आलोरी गरवाड़ा ने बताया कि वह खंडवा जिले में कंबल व्यवसाय कर अपने गांव लौट रहा था। इस दौरान थाना पिपलोद (जिला खंडवा) के थाना प्रभारी कैलाश कुंभरे ने यातायात पखवाड़ा अभियान के तहत वाहन जांच में उसे रोका। तस्दीक हेतु थाना रतनगढ़ के पुलिसकर्मी संदीप जाट से फोन पर बात की गई।
आरोप है कि बातचीत के दौरान संदीप जाट व एक अन्य पुलिसकर्मी ने चारण समाज के प्रति जातिसूचक व अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। बातचीत मोबाइल स्पीकर पर होने से प्रार्थी ने सब कुछ स्पष्ट सुना। यहां तक कि एक पुलिसकर्मी ने वाहन जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने की बात भी कही।
प्रार्थी ने बताया कि घटना से उसे गहरा आघात पहुंचा। अपने गांव लौटने पर जब उसने समाजजनों को इस बारे में जानकारी दी तो संपूर्ण चारण समाज आक्रोशित हो गया। समाज के लोगों का कहना है कि मां करणी भगवती के उपासक होने के नाते इस तरह की अपमानजनक भाषा अत्यंत आत्मग्लानि देने वाली है। ज्ञापन के माध्यम से समाजजनों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध शीघ्र कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।