नीमच। सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर रविवार को नीमच में पितरों के तर्पण का सामूहिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपने पितरों को जलांजलि अर्पित कर नमन किया।
श्री कर्मकाण्डीय विप्र परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम प्रातः 7 बजे स्थानीय स्वर्णकार धर्मशाला में प्रारंभ हुआ। मूल रूप से आयोजन कालका माता मंदिर और सोमेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ पर होना था, लेकिन शनिवार को हुई तेज बारिश के चलते स्थान बदलकर धर्मशाला में किया गया।
परिषद के संरक्षक पंडित बालचंद शर्मा और अध्यक्ष पंडित राधेश्याम उपाध्याय ने बताया कि विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान से पितरों की शांति के लिए तर्पण कराया गया। कार्यक्रम में शहर के अनेक नागरिकों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ तर्पण श्राद्ध पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है। जल, दूध, तिल और कुश से किए गए तर्पण से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो संतान सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करता है। यह अनुष्ठान पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और पितृऋण से मुक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।