नीमच। जहां एक ओर पूरे देश में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण हो रहा है, वहीं नीमच शहर में हरे-भरे पेड़ों की बेरहमी से कटाई ने अभियान की भावना को ठेस पहुंचाई है।
पर्यावरण मित्र जगदीश शर्मा ने बताया कि भागेश्वर महादेव मंदिर परिसर के सुंदर गार्डन में वर्षों पुराने फलदार आम के पेड़ों को बिना अनुमति दिनदहाड़े काट दिया गया। इससे पहले भी इस क्षेत्र में धार्मिक आस्था से जुड़े पीपल के पेड़ को काटने का प्रयास रोका गया था।
शर्मा ने पर्यावरण मित्र सोनू नागर धामनिया के साथ मौके पर कटे हुए वृक्षों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर प्रमाण जुटाए। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को शेष बचे पौधों को बचाने और बिना अनुमति पेड़ कटाई पर रोक लगाने की मांग की।
पर्यावरण मित्र संस्था का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर हरियाली उजाड़कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना निंदनीय है। इस तरह की घटनाओं से पर्यावरण प्रेमियों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है।