नीमच। मंगलवार दोपहर जिले के किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि अतिवृष्टि और पीला मोजेक वायरस के कारण सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर विरोध जताया और तत्काल मुआवजे की मांग की।

दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य सड़क पर बैठकर करीब 20 मिनट तक विरोध प्रदर्शन किया, जिससे नीमच-कनावटी मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। किसान हाथों में तख्तियां लेकर ष्कर्ज नहीं सम्मान चाहिएष् और ष्धरती मां रो रही है, सरकार सो रही हैष् जैसे नारे लगा रहे थे।

एसडीएम संजीव साहू को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने कहा कि जिले में सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। उन्होंने बिना सर्वेक्षण के तत्काल मुआवजे की मांग की। किसानों के अनुसार, प्रति हेक्टेयर फसल की लागत 54,000 रुपये है और इसी आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने बीमा कंपनियों से इस वित्तीय वर्ष में बीमा भुगतान की भी मांग की।

किसानों का कहना है कि कटाई के समय भारी बारिश और जलभराव के कारण पूरे जिले में सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई है। वे अगली फसल की बुवाई के लिए तुरंत मुआवजे की अपेक्षा कर रहे हैं।
