नीमच। भारतीय जनता पार्टी के नीमच जिला संगठन द्वारा हाल ही में जारी की गई नई पदाधिकारियों की सूची ने राजपूत समाज में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। सूची में राजपूत समाज के किसी भी सदस्य को स्थान नहीं मिलने से समाज में असंतोष की लहर फैल गई है।
इसी नाराजगी को व्यक्त करते हुए राजपूत स्वाभिमान मंच ने आज नीमच में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। मंच के पदाधिकारियों गजेंद्र सिंह चौहान बावल, गिरिराज सिंह रूपपुरा और हिम्मत सिंह भाटखेड़ी ने बीजेपी पर तीखे हमले किए और कहा कि नई सूची में राजपूत समाज की पूरी तरह अनदेखी की गई है, जो उनके लिए अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अब वर्ग विशेष की पार्टी बन गई है और इसे बनिया-जैन पार्टी कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।
पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में राजपूत समाज के 178 गांव हैं और लगभग 88 हजार मतदाता हैं। इसके बावजूद समाज को हर पद के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जबकि 80 प्रतिशत राजपूत मतदाता बीजेपी को ही वोट देते हैं। विशेष रूप से जावद और मनासा विधानसभा क्षेत्रों में भी राजपूतों को पार्टी द्वारा कोई अवसर नहीं दिया जा रहा है। पत्रकारों के सवाल पर कहा गया कि इस मामले में विधायक दिलीप सिंह परिहार से अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिल रहा है।
राजपूत स्वाभिमान मंच ने चेतावनी दी कि यदि राजपूतों को इसी तरह नजरअंदाज किया गया, तो पार्टी को आगामी चुनावों में इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पदाधिकारियों ने दावा किया कि इसी रवैये के चलते बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग बीजेपी की सदस्यता छोड़ सकते हैं। उन्होंने पार्टी के जिम्मेदार नेताओं से नई सूची में सभी वर्गों के बीच संतुलन बनाने की मांग की।