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September 25, 2025, 7:34 pm
BIG NEWS : सरकार के अनिवार्य शिक्षा ग़रीबी उन्मूलन के दावों की रस्सी पर झुलता बचपन!, सरवानिया महाराज में लाठी के सहारे जिंदगी का साक्षी बना रही है संतुलन, पढ़े दिनेश वीरवाल की खबर 

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सरवानिया महाराज। शहर की सड़कों पर पढ़ाई लिखाई से महरूम अपने जीवन से खिलवाड़ करती हुई बेखबर एक बेबस बच्ची की मां बेबसी को छुपाते हुए ये कहती नजर आई कि रस्सी के सहारे ऐसे करतब दिखा कर कुछ रुपए कमा कर घर चलाते हैं। 
देश की सरकार का ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रम रस्सी पर झुलता नज़र आना आम बात हो गई है। नट जाती की पायल चार पांच वर्षीय बच्ची साक्षी को लेकर शहर की सड़कों पर बांस के डंडों के सहारे रस्सी खिंच कर उसपर जिंदगी का बैलेंस बनाकर करतब दिखाते बचपन को देखकर दिल पसीजे बिना रह नहीं सकता और ऐसे दृश्य आजकल हमारे शहर की सड़कों पर आम है। ये दिगर बात है कि छत्तीसगढ़ का यह बचपन मध्यप्रदेश के नीमच जिले के गांवों में अपने पेट की आग बुझाने रस्सी पर झुल रहा है। मनोरंजन के रूप में दिखते इस खेल के पिछे की कहानी मजबुरियों से गढ़ी गई है। कभी घुटनों के निचे थाली तों कभी रिंग के सहारे जिंदगी हाथों में लाठी लेकर संतुलन बना रही है। सरकारें भले ही मासुमो के दर्द को नहीं समझती है पर राह में चलते लोग ऐसे दृश्य देखकर अनायास रुक कर रस्सी के निचे रखी थाली में कुछ पैसे रख देते हैं जिन पैसों से घर चलता है। देश के सरकारी दावे अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा देश में हर बच्चे का अधिकार है लेकिन यंहा उस अधिकार को देखने जिम्मेदारों की आंखें अंधिया गई है , देश में चल रहे गरीबी उन्मूलन रोजगार गारंटी योजना मुलभुत सुविधाएं तो अभी लोगों तक नहीं पहुंच पाई है पर हम विश्व गुरु की बात करने में आगे ज़रूर निकल गये है। श्रीमती पायल नट के कूल पांच संतानें हैं जिनमें चार बड़ी और एक छोटी है, पुरुष प्रधानता वाले समाज में एक महिला साईकिल पर लाउडिस्पिकर रस्सी बांस के डंडे और एक बच्ची और एक छोटे से बच्चे को लेकर ऐसे घुम घुम कर खेल दिखाकर परिवार का पेट पाल रही है ये मेसेज तमाम सरकारी दावों की जमीन हकीकत दिखा रहा है। गांव गली दर दर घूम सड़क पर पेट की आग कि खातिर खिंची इन तस्वीरों में देश  की राज्य सरकारों के वे तमाम दावें जिनमें अनिवार्य शिक्षा, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, रोज़गार गारंटी और आर्थिक तरक्की के सपने संजोए जाते हैं ओंधे मूंह गिरते नज़र आते हैं।

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