नीमच। जिला मुस्लिम इंतेजामिया कमेटी की महिला विंग ने देशभर में मुस्लिम युवकों पर आई लव मोहम्मद लिखने के कारण दर्ज की जा रही एफआईआर पर कड़ा ऐतराज जताया है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे जामा मस्जिद से रैली के रूप में शहर की मुख्य सड़कों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े। केंट पुलिस ने रैली की अनुमति न होने पर संजीवनी नाले के पास रैली को रोक दिया और प्रतिनिधिमंडल से केवल 10 महिलाओं को ज्ञापन देने की अनुमति दी।
महिला विंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर के प्रतिनिधि को सौंपकर इन सभी एफआईआर को तत्काल निरस्त करने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू होकर देशभर में लगभग 1324 लोगों पर अवैध रूप से मामले दर्ज किए गए हैं जो नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
महिलाओं ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब से मोहब्बत रखना हर मुसलमान के ईमान का हिस्सा है। इस प्रकार की कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेदों के विरुद्ध है और अल्पसंख्यकों को धर्म के आधार पर परेशान करने का उदाहरण है।
संगठन ने चिंता जताई कि ऐसे कदमों से देश की ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ को आघात पहुँच रहा है और विश्व स्तर पर भारत की छवि धूमिल होने का खतरा है। महिला विंग ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे संवैधानिक प्रमुख के रूप में इस मामले का संज्ञान लें और दर्ज एफआईआर को निरस्त कर न्याय सुनिश्चित करें।