जावी। कमल सरोवर की नगरी के नाम से विख्यात जावी स्थित ऐतिहासिक श्री गुर्जरखेड़ा धाम में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शारदीय नवरात्रि महापर्व पर 30 सितंबर मंगलवार को दोपहर 12.15 बजे पाती (वाड़ी) विसर्जन एवं छमाही भविष्यवाणी का आयोजन होगा।
मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार प्रातः देव प्रतिमाओं का श्रृंगार होगा, इसके बाद पं. घनश्याम शास्त्री (पालसोड़ा) के वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन, हवन, कन्या पूजन और महाआरती होगी। तत्पश्चात पं. घनश्याम लौहार के श्रीमुख से श्री गुर्जरखेड़ा सरकार प्रकट होकर मंदिर परिक्रमा करेंगे और नागबामी पूजन के बाद जलकुंभ में पाती विसर्जन किया जाएगा। इसके उपरांत छमाही भविष्यवाणी सुनाई जाएगी।
समिति के संरक्षक/प्रवक्ता दिलीप पाटीदार जावी ने बताया कि वर्षों से श्री गुर्जरखेड़ा सरकार की भविष्यवाणियां शत-प्रतिशत सटीक सिद्ध होती आई हैं। भविष्यवाणी में मौसम, बीमारियां, अनाज-किराना व कृषि उपज के भाव तथा आगामी सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी भक्तजनों को दी जाती है।