नीमच। ईपीएस-95 पेंशन में बढ़ोतरी नहीं किए जाने के विरोध में शनिवार को पेंशनर्स संघ ने प्रदर्शन कर कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं श्रम मंत्री के नाम प्रेषित किया गया।
पेंशनर्स संघ के अध्यक्ष शंभाजी राव जाधव एवं संघर्ष समिति अध्यक्ष बृजेंद्र प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि देश के ईपीएस-95 पेंशनर्स ने केंद्र, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, सहकारी एवं निजी संस्थानों में 30 से 35 वर्ष सेवा करने तथा पेंशन फंड में प्रतिमाह 417, 541 और 1250 तक का अंशदान करने के बावजूद औसतन केवल 1170 मासिक पेंशन प्राप्त हो रही है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन पेंशन राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछले 9 वर्षों से ईपीएस-95 पेंशनर्स न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए संघर्षरत हैं। उनकी प्रमुख माँगें हैं कृ न्यूनतम पेंशन 7500 प्रतिमाह, उस पर महंगाई भत्ता, पति-पत्नी को निशुल्क चिकित्सा सुविधा तथा सुप्रीम कोर्ट के 04 अक्टूबर 2016 और 04 नवंबर 2022 के निर्णय के अनुसार सभी को समान रूप से उच्च पेंशन का लाभ दिया जाए।
पेंशनर्स संघ का कहना है कि देशभर में 78 लाख पेंशनर्स आर्थिक तंगी और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं, प्रतिदिन लगभग 200-250 पेंशनर्स असमय काल का ग्रास बन रहे हैं। सरकार के आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे पेंशनर्स में भारी आक्रोश है।
पेंशनर्स ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं, तो आगामी 11 और 12 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में प्रस्ताव पारित कराने तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर घीसालाल सुराह, रामनारायण नागदा, हिम्मत जैन, वरदीचंद मीणा, बालकृष्ण पांडे, रमेशचंद्र नागदा, कैलाश प्लास, भंवर रेगर, विश्वास जोशी, भूपाल सिंह, मांगीलाल परिहार, चांदमल सोनी सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित थे। जानकारी मीडिया प्रभारी इलियास कुरैशी ने दी।