भानपुरा। मंदसौर जिले की भानपुरा पुलिस ने अमानत में खयानत और धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रोहित मीणा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कुल 21 चारपहिया वाहन, दस्तावेज़ और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीना के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ हेमलता कुरील एवं एसडीओपी गरोठ विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भानपुरा निरीक्षक आर.सी. दांगी के नेतृत्व में की गई।
घटना का विवरण-
भानपुरा एवं नीमच जिले के ग्रामीण इलाकों सहित राजस्थान के सरहदी जिलों झालावाड़, कोटा और बूंदी के लोगों से आरोपी रोहित ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन जारी कर धोखाधड़ी की। उसने “8 लाइन और पवन चक्की पर वाहन किराये से लगाने और हर माह मोटी आमदनी देने” का लालच देकर वाहन मालिकों को झांसे में लिया।
आरोपी ने पीकअप, ट्रैक्टर, ट्रॉली, पानी टैंकर, स्कॉर्पियो, बोलेरो और अल्टो जैसी गाड़ियां विभिन्न लोगों से लेकर उन्हें बेच दिया या गिरवी रखकर फरार हो गया। इस संबंध में लगातार शिकायतें भानपुरा थाने पर प्राप्त हो रही थीं।
जांच और गिरफ्तारी-
थाना प्रभारी निरीक्षक आर.सी. दांगी ने प्राप्त शिकायतों पर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की, जिसमें उप निरीक्षक जोरसिंह डामोर और सहायक उप निरीक्षक सुनील तोमर शामिल थे। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर टीम ने आरोपी रोहित पिता कारूलाल मीणा (उम्र 27 वर्ष), निवासी कुकड़ेश्वरा, थाना भानपुरा, जिला मंदसौर को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपी से सघन पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर 21 वाहन बरामद किए, जिनमें- 10 ट्रैक्टर, 3 ट्रॉली, 3 पीकअप, 1 अल्टो कार, 2 बोलेरो कार, 1 स्कॉर्पियो कार और 1 पानी का टैंकर शामिल हैं। बरामद वाहनों की कुल कीमत लगभग ₹1 करोड़ से अधिक आंकी गई है। माननीय न्यायालय से आरोपी का पुलिस रिमांड प्राप्त कर आगे की जांच जारी है।
अपराध की कार्यप्रणाली-
आरोपी रोहित मीणा मूलतः ग्राम कुकड़ेश्वरा (थाना भानपुरा) का निवासी है और 10वीं तक शिक्षित है। उसने ग्राम बाबुलदा में “अंतरिक्ष ऑटोडील” नाम से दुकान किराए पर लेकर 4दृ5 वर्षों तक चलाई थी, जो पिछले छह महीनों से बंद थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर वह किराये के बहाने वाहन मालिकों से संपर्क कर उन्हें कम कीमत पर वाहन बेचने या गिरवी रखने का झांसा देकर पैसा लेकर गायब हो जाता था।
उसके फरार होने से वाहन मालिकों को किस्तों और वाहनों के दुरुपयोग के कारण भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
सराहनीय भूमिका-
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक रमेशचंद्र दांगी, उप निरीक्षक जोरसिंह डामोर, सहायक उप निरीक्षक सूर्यपाल मईडा, प्रधान आरक्षक तरुण देवड़ा (क्र.456), आरक्षक नेमाराम जाट (क्र.786), बनवारी राठौर (क्र.731), धनराज गुर्जर (क्र.297) तथा चालक लक्ष्मणसिंह पंवार (क्र.579) का विशेष योगदान रहा।