मंदसौर। वन मंडलाधिकारी, वन विभाग मंदसौर ने स्पष्ट किया है कि देवडूंगरी माता मंदिर दर्शन हेतु ग्राम वन समिति या वन विभाग द्वारा किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर नगर वन देवडूंगरी, मंदसौर के प्रवेश शुल्क पर्ची की फोटो वायरल कर यह भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है कि मंदिर के नाम से अनाधिकृत राशि वसूली जा रही है। यह सूचना पूरी तरह असत्य और भ्रामक है।
वन मंडलाधिकारी ने बताया कि नगर वन के रखरखाव, स्वच्छता, सुरक्षा एवं स्थानीय लोगों की आजीविका बनाए रखने के उद्देश्य से नगर वन क्षेत्र में प्रवेश करने वालों के लिए मात्र 10 प्रति व्यक्ति का नाममात्र का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क केवल नगर वन योजना के प्रावधानों के तहत लिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शुल्क मंदिर दर्शनार्थियों पर लागू नहीं है। मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता, बल्कि केवल शून्य (0) पास जारी कर पंजी में प्रविष्टि की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड रखा जा सके। नगर वन प्रवेश शुल्क की राशि का संकलन, डाटा संग्रहण और रखरखाव का कार्य स्थानीय ग्राम बुगलिया निवासी कुमारी हिना पिता रामप्रसाद जाट एवं अन्य स्थानीय युवाओं के माध्यम से किया जा रहा है।
वन मंडलाधिकारी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे भ्रामक और झूठी खबरों पर विश्वास न करें। देवडूंगरी माता मंदिर में दर्शन पूर्णतः निशुल्क हैं। नगर वन क्षेत्र के संचालन और संरक्षण के लिए ₹10 का शुल्क केवल नगर वन योजना के अंतर्गत निर्धारित व्यवस्था का हिस्सा है।