मंदसौर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गठित 17वें कॉमन रिव्यू मिशन (सीआरएम) की टीम ने मंदसौर जिले का निरीक्षण पूरा कर लिया है। 1 से 8 नवंबर 2025 तक चले इस दौरे में 12 सदस्यीय दल ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता का गहन मूल्यांकन किया। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान ने दी। इस मिशन के तहत भारत सरकार ने देशभर के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का चयन किया था, जिसमें मध्यप्रदेश के विदिशा और मंदसौर जिले शामिल थे।
हर स्तर पर परखी गई स्वास्थ्य सेवाएं-
निरीक्षण के दौरान दल ने जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण किया। साथ ही, दल ने समुदाय स्तर पर नागरिकों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तृत मूल्यांकन किया।
12 सदस्यीय दल ने किया निरीक्षण-
भारत सरकार द्वारा नियुक्त 12 सदस्यीय दल का नेतृत्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संचालक डॉ. गोविंद बंसल ने किया। दल ने निरीक्षण के दौरान संस्थागत व्यवस्थाएं, रिकॉर्ड, मानव संसाधन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, डिजिटल हेल्थ इनिशिएटिव और जनजागरूकता कार्यक्रमों का भी अध्ययन किया।
एनएचएम कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक-
भ्रमण के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें मिशन दल ने निरीक्षण के दौरान प्राप्त अनुभवों, उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और सुधार के बिंदुओं को साझा किया।
बैठक में रहे ये अधिकारी उपस्थित-
बैठक में सरोज कुमार (संचालक, एनएचएम-3, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार) विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही संदीप यादव (प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन), डॉ. सलोनी सिडाना (मिशन संचालक, एनएचएम), मनोज सरियाम (अपर मिशन संचालक, एनएचएम) और बीरभद्र शर्मा (संचालकदृवित्त, एनएचएम) सहित सभी वरिष्ठ संचालक, संयुक्त संचालक और उपसंचालक भी मौजूद रहे।