मनासा। थाना कोतवाली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पट्टा दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपी आमीन को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी वर्ष 2024 से लगातार ठगी की वारदातों में संलिप्त था और 05 महीनों से फरार चल रहा था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई-
पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद मीना द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को लंबित अपराधों एवं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र भास्कर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की।
घटना का संक्षिप्त विवरण-
आरोपी आमीन पिता रजाक, निवासी भौंईवाड़ा, मंदसौर पर आरोप है कि उसने मई 2024 से 08 महिला पीड़ितों को प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पट्टा दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने स्वयं को कलेक्टर कार्यालय से जुड़े अधिकारियों से सीधा संपर्क होना बताया और पशुपतिनाथ रोड स्थित सुलभ शौचालय के पास मिलने के दौरान अलग-अलग महिलाओं से कुल 4,17,000 रुपये की राशि ले ली।
आरोपी ने सभी पीड़ितों को यह कहकर विश्वास में लिया कि उनका पट्टा शीघ्र ही स्वीकृत हो जाएगा और कार्यवाही प्रगति पर है। जब पीड़ित महिलाओं ने तहसील कार्यालय में जानकारी ली, तो पता चला कि ऐसी किसी योजना के तहत पट्टे दिए ही नहीं जा रहे हैं।
इसके बाद जब पीड़ित महिलाओं ने पैसे वापिस मांगे तो आरोपी बहाने बनाने लगा। इसके उपरांत दिनांक 18.06.2025 को पीड़िताओं ने थाना कोतवाली में लिखित आवेदन दिया। जांच में पाया गया कि आरोपी आमीन ने प्रधान मंत्री आवास योजना एवं पट्टा देने के नाम पर कुल 4,17,000 रुपये की धोखाधड़ी की है। जिस पर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 319/25 धारा 420 भादंवि का प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपी घटना दिनांक से ही फरार था।
गिरफ्तारी-
दिनांक 09.11.2025 को पुलिस ने आरोपी आमीन पिता रज्जाक मोहम्मद खान उम्र 45 वर्ष, निवासी शहर किला रोड, सुलभ कॉम्प्लेक्स के पास, वार्ड क्रमांक 24, मंदसौर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस टीम-
इस कार्रवाई में निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ थाना प्रभारी कोतवाली, सहायक उप निरीक्षक अभिषेक पाल, आरक्षक नरेंद्र सिंह (861) एवं आरक्षक हरीश राठौर (463) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।