कोटा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में कार्रवाई करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के इंस्पेक्टर के दलाल अकरम हुसैन को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। परिवादी ने शिकायत दी थी कि इंस्पेक्टर हितेश कुमार और उसके साथियों ने उसके पिता को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 3 लाख रुपए रिश्वत की मांग की है। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया।

कार्रवाई शुरू होते ही सीबीएन इंस्पेक्टर हितेश कुमार 1.90 लाख रुपए के डमी नोट लेकर मौके से फरार हो गया। भागते समय उसके हाथ से नोटों की गड्डी, मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज भी गिर गए। एसीबी की टीमें इंस्पेक्टर की तलाश में जुटी हुई हैं।

झूठे केस में फंसाने की धमकी-
एसीबी की स्पेशल यूनिट कोटा के एडिशनल एसपी मुकुल शर्मा ने बताया कि परिवादी ने कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 7 नवंबर को सीबीएन इंस्पेक्टर हितेश कुमार और उसके सहयोगियों ने परिवादी के पिता को घर से पकड़ लिया था और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 3 लाख रुपए की मांग की थी।

मोबाइल बातचीत में रिश्वत की मांग की पुष्टि
एडिशनल एसपी शर्मा के अनुसार सत्यापन के दौरान आरोपियों और परिवादी के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। आरोपी अलग-अलग नंबरों से कॉल कर परिवादी पर रकम देने का दबाव बना रहे थे और उसे भवानीमंडी ऑफिस में पैसे लेकर आने को कहा गया था।

एसीबी का जाल- दलाल रंगे हाथों पकड़ा गया
रविवार रात लगभग 9.30 बजे परिवादी को 30 हजार असली और 2.70 लाख डमी नोटों के साथ भवानीमंडी ऑफिस भेजा गया। परिवादी ने जैसे ही आरोपियों को राशि सौंपी, इशारा मिलने पर एसीबी टीम ने दलाल अकरम हुसैन को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। इंस्पेक्टर हितेश कुमार बाकी रकम लेकर भाग निकला।

1.90 लाख के डमी नोट लेकर फरार-
एडिशनल एसपी शर्मा ने बताया कि भागते समय इंस्पेक्टर के हाथ से करीब 100 मीटर दूर एक गड्डी गिर गई, जिसमें 20 हजार रुपए के असली नोट और 80 हजार के डमी नोट थे। जबकि वह 2 लाख की एक अन्य गड्डी लेकर भागा, जिसमें 1.90 लाख रुपए के डमी नोट और 10 हजार रुपए के असली नोट थे। एसीबी की टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है।
