नीमच। तहसील जीरन के अंतर्गत वन विभाग की हरकियाखाल शासकीय नर्सरी में वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित सूचना के आधार पर संकल्प पर्यावरण मित्र संस्था की टीम ने स्थल निरीक्षण कर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया।
संस्था के सदस्यों ने मौके पर पाया कि नर्सरी में 30 से 35 वर्ष पुराने, 15 से 20 मीटर ऊँचे गूलर, इमली, नीम, नीलगिरी सहित कई बड़े पेड़ों को जड़–तने सहित काटकर हटाया गया है। कटे हुए पेड़ों के तनों को मिट्टी डालकर छिपाने के भी प्रमाण मिले, जिनकी फोटो एवं वीडियोग्राफी संस्था द्वारा कराई गई।
संस्था का आरोप है कि "पेड़ों की छंटनी" के नाम पर बड़े-बड़े पेड़ पूरी तरह काटे गए और तैयार इमारती एवं जलाऊ लकड़ी को बिना किसी शासकीय प्रक्रिया या टेंडर के अवैध रूप से बेचा गया। यह भी बताया गया कि लकड़ी की बिक्री की राशि शासकीय कोष में जमा नहीं कराई गई।
पूर्व में भी शहर नीमच, आसपास के क्षेत्रों और वन क्षेत्रों से अवैध पेड़ कटाई की शिकायतें कई बार की जा चुकी हैं। संस्था का कहना है कि action न होने की वजह से बीते महीनों में भागेश्वर मंदिर परिसर, टीचर्स कॉलोनी और जवाहर नगर ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में भी वर्षों पुराने पेड़ों को जड़–मूल से काट दिया गया, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हुआ।
संस्था ने कलेक्टर के प्रतिनिधि डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। डिप्टी कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि कलेक्टर महोदय को शीघ्र अवगत कराया जाएगा और जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री भारत सरकार, प्रदेश के राज्यपाल, विभिन्न विभागों के मंत्रियों एवं प्रमुख सचिवों को भी भेजी गई।
ज्ञापन वाचन संस्था के संरक्षक नवीन कुमार अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक जगदीश शर्मा, अध्यक्ष किशोर बागड़ी तथा अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
संस्था के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक जगदीश शर्मा ने यह जानकारी प्रेस नोट के माध्यम से जारी की।