गरोठ। भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में किसानों ने 10 नवंबर को बैठक आयोजित कर लैंड पूलिंग एक्ट समाप्त करने की मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार अर्जुन भदौरिया को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख तीन मांगें रखी गईं-
- पूरे मध्यप्रदेश में लैंड पूलिंग एक्ट को समाप्त किया जाए।
- उज्जैन सिंह क्षेत्र की नगर विकास योजना (DTS-8,9,10,11) का गजट नोटिफिकेशन रद्द किया जाए तथा सिंहस्थ पूर्ववत् रूप से आयोजित हो।
- उज्जैन में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो 18 नवंबर से उज्जैन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा - “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन के रूप में।
जिला मंत्री रामनिवास बैरागी ने बताया कि लैंड पूलिंग एक्ट किसानों के साथ छलावा है। इस कानून के तहत सरकार किसानों की जमीन बिना सहमति के अधिग्रहित कर विकास कार्यों के बाद उसका एक हिस्सा लौटाती है, जबकि शेष भूमि सार्वजनिक परियोजनाओं या बिक्री में उपयोग होती है। इससे किसानों का भूमि पर अधिकार समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा- “यह एक्ट किसानों की जमीन हड़पने की नीति है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है।”
बैठक में किसानों ने कृषि उपज मंडी परिसर में श्रद्धेय दांतोपंत ठेगड़ी की 105वीं जयंती भी मनाई और उनके जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्रांतीय सदस्य रघुनंदन पाटीदार, जिला अध्यक्ष कृपाल सिंह सोलंकी, जिला मंत्री रामनिवास बैरागी, जिला उपाध्यक्ष में सिंह सिसोदिया, सह मंत्री बाबूलाल धाकड़, जिला सदस्य अर्जुन सिंह सिसोदिया, पूरालाल पाटीदार, प्रहलाद सिंह पड़िहार, भंवरलाल बंजारा, शामगढ़ तहसील अध्यक्ष डूंगर सिंह सिसोदिया, मंत्री बलराम शर्मा, गोपाल सिंह, भगवानसिंह, कालूसिंह, उमरावसिंह, मुकेश, देवीलाल धाकड़ सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।