भगवानपुरा। नगर स्थित शासकीय महाविद्यालय भगवानपुरा में मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जनजातीय गौरव दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्राचार्य डॉ. प्रकाश सोलंकी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनजातीय गौरव दिवस का महत्व केवल भगवान बिरसा मुंडा के महान योगदान को याद करने भर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिवस पूरे आदिवासी समाज की स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि इतिहासकारों ने आदिवासी नायकों को उचित स्थान नहीं दिया, लेकिन अब उनकी वास्तविक गाथा आम जन तक पहुँच रही है, जो सर्वसमाज के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. सोलंकी ने अपने संघर्षपूर्ण अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब हम और हमारे साथी निमाड़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन करते थे, तब हम पर लाठियाँ बरसाई गईं और हमें जेल भेज दिया जाता था। लेकिन आज परिस्थितियाँ बदली हैं और लोगों को वास्तविक इतिहास जानने का अवसर मिल रहा है, जो संपूर्ण आदिवासी समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र वीर आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों टंटया भील, भीमा नायक, ख्याजा नायक, बिरजू नायक, रुमालिया नायक, छितू सिंह किराड़ एवं रघुनाथ भीलाला की जन्म एवं कर्मस्थली रहा है। इन महानायकों के त्याग और बलिदान से यह धरती गौरवान्वित है।
प्राचार्य डॉ. सोलंकी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनका संघर्ष हमें साहस, न्याय और समाज के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश देता है। जनजातीय गौरव दिवस हमें उनके राष्ट्रप्रेम और बलिदान को याद करते हुए आदिवासी समाज के सम्मान व अधिकारों के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के उपरांत विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों द्वारा नगर में रैली निकाली गई, जिसमें बिरसा मुंडा अमर रहें, भीमा नायक अमर रहें, टंटया भील अमर रहें, रघुनाथ भीलाला अमर रहें जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. रजनी सोलंकी, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सेवक चौहान, डॉ. अनीता चौहान सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विवेक दुबे ने किया तथा आभार डॉ. रोहित पाटीदार ने व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी डॉ. दिनेश गाठे ने कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की।