छतरपुर। जिले के राजनगर विकास खंड में जन अभियान परिषद से चयनित नवांकुर संस्था रिसर्च इंडिया लोक कल्याण सोसायटी द्वारा बम्होरी बहादुर जू पंचायत के नबादा कुदरियापुरवा मे जनजातीय क्रान्ति बीर भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती जनजातीय गौरव दिवस समारोह आदिवासी समाज के साथ अन्य सर्व समाज के लोगों ने बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनायी गई। आदिवासियों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित कर, तिलक लगाकर, फूल माला पहनाई। सभी ने बिरसा मुंडा जी का सामूहिक गीत गाया। उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया।
बिरसा मुंडा एक महान भारतीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका जन्म 15 नवंबर, 1875 को झारखंड के उलिहातू गाँव में हुआ था। उन्होंने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ श्उलगुलान आंदोलनश् का नेतृत्व किया। आदिवासी समाज को एकजुट करने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और धार्मिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए जाने जाने वाले बिरसा मुंडा को आज भी आदिवासी लोग श्धरती आबाश् के रूप में पूजते हैं। 9 जून, 1900 को 25 साल की उम्र में ब्रिटिश हिरासत में हैजे से उनकी मृत्यु हो गई।
राजेंद्र आदिवासी ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती जनजातीय गौरव दिवस समारोह आदिवासी समाज के साथ अन्य सर्व समाज के लोगों ने बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनायी गई। भगवान बिरसा मुंडा देश के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आदिवासी समाज को एकत्रित अधिकारों की रक्षा करने के लिए कार्य किए हैं हम सभी आदिवासी समाज के लोग आज भी भगवान के रूप में पूजते है। उन्होंने आदिवासियों के लिए जल जंगल जमीन के लिए कार्य किया है।