नीमच। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जिला स्तरीय जनजाति गौरव दिवस समारोह में नीमच-मंदसौर-जावरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधीर कुमार गुप्ता ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में जनजाति समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए अद्वितीय संघर्ष किया और इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। वे जनजाति समाज के महान क्रांतिकारी और प्रेरणास्रोत हैं।
सांसद गुप्ता ने कहा कि देश तेजी से आर्थिक विकास की ओर अग्रसर है। जनजाति वर्ग के युवा भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने जनजाति महापुरुषों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि रामपुरा नगर रामा भील की नगरी के रूप में विख्यात है, जहां पूंजा राजा भील ने मुगल अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष किया।
विधायक परिहार ने कहा- बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की लड़ाई लड़ी
समारोह की अध्यक्षता कर रहे विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजाति समाज की अस्मिता बचाने हेतु जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के लिए अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनजाति परिवारों को वनाधिकार पट्टे दिए जाने को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया। नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने सभी को जनजाति गौरव दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा, एडीएम बी.एस. कलेश, एएसपी नवल सिंह सिसोदिया, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य व राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण
जिला स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस तथा प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने देखा और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के उद्बोधन सुने। सांसद एवं विधायक ने संत रविदास स्वरोजगार योजना और श्री टंट्या भील स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। बालिका छात्रावास की छात्राओं ने जनजाति संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य प्रस्तुत किए, जिन्हें खूब सराहा गया। श्री रामदेव बाबा भजन मंडली ने भजन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ व स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से की गई।
एडीएम बी.एस. कलेश, डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे, जिला जनजाति कार्य संयोजक राकेश राठौर सहित अधिकारियों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ व साफा पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक श्री सोलंकी ने किया और अंत में आभार जिला संयोजक राकेश राठौर ने व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में जनजाति समाज के नागरिक, महिलाएँ, जनप्रतिनिधि एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।