रतलाम। कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, और मेहनत व लगन हमेशा बुलंदियों तक पहुंचाती है। रतलाम जिले के छोटे से गांव घटवास से निकलकर एक युवा कलाकार ने यह बात सच कर दिखाई है। गांव का नाम पूरे प्रदेश और देश में रोशन करने वाले इस युवा कलाकार का नाम है मंगल सिंह राठौड़। मंगल सिंह ने अपने गुरु परमानंद गंधर्व के मार्गदर्शन और माता-पिता के आशीर्वाद से संगीत की बारीकियाँ सीखीं, और इन्हीं सीखों के दम पर वह दूरदर्शन केंद्र भोपाल पहुंचे। यहाँ उन्होंने अपने गुरु के साथ नेशनल चैनल पर भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में तबला वादक के रूप में उनके गुरु परमानंद गंधर्व ने साथ दिया। गुरु-शिष्य की यह जोड़ी मंच पर ऐसे जमी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। संगीत जगत में गुरु-शिष्य का रिश्ता हमेशा विशेष रहा है... यहीं से कला का संस्कार, अनुशासन और परंपरा आगे बढ़ती है। गुरु के आशीर्वाद और शिष्य की कड़ी मेहनत से ही बड़े मंचों पर अवसर मिलते हैं और कला नई ऊँचाइयों तक पहुँचती है। मंगल सिंह की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे घटवास और रतलाम जिले के लिए गर्व का विषय है।