नीमच। मध्य प्रदेश में आशा, ऊषा और आशा पर्यवेक्षकों का वेतन एवं प्रोत्साहन राशि तीन महीनों से लंबित होने के कारण पूरे प्रदेश में गहरा आक्रोश है। इसी मुद्दे को लेकर आशा-ऊषा-आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश ने सीटू के साथ मिलकर मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नाम आज नीमच कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन सौंपकर तत्काल सभी बकाया भुगतान की मांग की है। नीमच में दिए गए ज्ञापन में आशा उषा आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा ने कहा कि दशहरा एवं दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहारों पर भी आशाओं को भुगतान नहीं मिला, जबकि वे वर्षभर फील्ड में लगातार सेवाएँ देती हैं। भुगतान की अनियमितता के कारण कई आशाओं को गंभीर आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि नीमच में करीब 800 आशा उषा कार्यकर्ता है। ज्ञापन में बताया गया कि विभागीय आदेशों तथा अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद 5 तारीख तक नियमित भुगतान की व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। राज्य और केंद्र की राशि तथा इंसेंटिव समय पर न मिलने से बड़ी गड़बड़ियाँ उत्पन्न होती हैं, जिसका सीधा नुकसान आशाओं को उठाना पड़ता है। मोर्चा ने मांग की है कि सभी बकाया वेतन और प्रोत्साहन राशि का तुरंत भुगतान किया जाए।केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई राशि का एरियर सहित वितरण दिया जाए।हर माह की 5 तारीख तक नियमित भुगतान हौ।वेतन भुगतान की पर्ची उपलब्ध कराएं। आशा और पर्यवेक्षकों को ब्लू के साथ दिए गए कार्य से मुक्त किया जाए। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि भुगतान संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।