चित्तौडगढ। भारतीय सिन्धु सभा की ओर से देश में सिन्धी भाषा के विश्वविद्यालय की स्थापना के लिये संगठित प्रयास किये जा रहे हैं भारत सरकार सिन्धी विषय लेकर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिय विश्वविद्यालय के माध्यम से मातृभाषा के कोर्स, शोध कार्य सहित रोजगार के कार्स प्रारम्भ करे जिससे सिन्धी भाषा, सभ्यता व संस्कृति संर्वद्धन में सफलता मिले। ऐसे विचार सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी (अजमेर) ने चित्तैडगढ में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में प्रकट किये। तीर्थाणी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति के तहत संगठन की ओर से सिन्धी मातृभाषा से विद्यार्थियों को जोडने के प्रयास किये जा रहे हैं। राजस्थान सरकार द्वारा धर्मांतरण रोकने के बिल को पारित किए जाने पर मुख्यमंत्री भजनलाल व राजस्थान सरकार का आभार प्रकट किया गया।
राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आगामी 27 व 28 दिसम्बर को कानपुर में मातृशक्ति राष्ट्रीय प्रतिनिधि वंदना वजीराणी ने कहा कि सभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आगामी 27 व 28 दिसम्बर को कानपुर में आयोजित की जायेगी जिसमें प्रदेश से प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी के नेतृत्व में 17 प्रतिनिधि सम्मिलित होगें। बैठक में देश भर में चल रहे कार्यक्रमों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की जायेगी। संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन व घर घर सम्पर्क किया जा रहा है।
जिला कार्यकर्ता सम्मेलन 14 दिसम्बर को जिला अध्यक्ष जोधराज तनवाणी ने बताया कि चित्तौडगढ जिला कार्यकर्ता सम्मेलन व सम्मान समारोह 14 दिसम्बर को ओम शांति भवन में आयोजित किया जायेगा जिसमें चित्तौडगढ के अलावा निम्बाहेडा, बेगू व पडासोली के कार्यकर्ता, मातृशक्ति व युवा कार्यकर्ता सम्मिलित होगें।
नगर अध्यक्ष मोहन वजीराणी ने कहा कि सम्मेलन में वरिष्ठ समाजसेवी व मातृशक्ति की मुख्याणी के साथ समाज के विशिष्टजनों का सम्मान किया जायेगा। जिले में राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली द्वारा आयोजित होने वाले सिन्धी भाषा के कोर्स की चर्चा भी की जायेगी। बाल संस्कार शिविरों में प्रशिक्षित विद्यार्थियों द्वारा मंचीय कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा।