नीमच। 8वें प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन आइएनओ एवं गायत्री परिवार (स्वाध्याय मंडल) द्वारा सम्मिलित रूप से परिचर्चा आयोजित की गई। सर्वप्रथम वेद माता गायत्री के मंत्रों को उच्चारित करते हुए कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। मुख्य वक्ता, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं आइएनओ अध्यक्ष का स्वागत अक्षय पट्ट द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. महेश शर्मा ने प्राकृतिक चिकित्सा को प्राचीन जीवन पद्धति बताया। आपने कहा हमें प्राकृतिक रूप से अपनी जीवनचर्या को जीते हुए जितना हो सके प्रकृति द्वारा प्रदत्त नियमों के साथ जीना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी कैलाश अहीर ने गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा जी द्वारा लिखित प्राकृतिक चिकित्सा पर पुस्तकों के बारे में बताया। आपने कहा अगर पूर्ण स्वास्थ्य पाना है तो हमें प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े रहना चाहिए। आइएनओ संरक्षक एडवोकेट अजय भटनागर ने प्राकृतिक चिकित्सा की महती आवश्यकता के बारे में बताया।
आइएनओ नीमच जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश सहसचिव सत्येन्द्र सक्सेना ने प्राकृतिक चिकित्सा दिवस की अवधारणा और आइएनओ की सेवा प्रकल्पों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक हरीश उपाध्याय ने प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के बारे में बताया। अशोक सिंहल ने प्राकृतिक चिकित्सा के विविध आयामों के बारे में जानकारी दी।
परिचर्चा में के.के. कर्णिक, दिनेश पारवानी, सत्यनारायण अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर उर्मिला उपाध्याय, मीनाक्षी आचार्य, चंदा सिंहल, कुमारी बृजबाला, कदवा, डी के चौबे, के के आचार्य, सुदामा, रामनिवास कदवा, कमल उपाध्याय आदि उपस्थिति थे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्याम टांकवाल ने किया। कार्यक्रम के अंतिम क्रम में शांति पाठ कमल कुमार शर्मा ने किया। आभार आइएनओ जिला सचिव रुद्र पाराशर ने किया। उक्त जानकारी आइएनओ जिला मीडिया प्रभारी नितिन सक्सेना ने दी।