नीमच। रेडक्रॉस के चुनाव लगभग एक दशक बाद आयोजित किए गए थे, लेकिन मतदान के बाद अचानक मतगणना रोक दिए जाने से पूरा मामला रहस्यमय और विवादास्पद हो गया है। मतदान संपन्न हुए कई दिन बीत गए, परंतु अभी तक परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति को लेकर रेडक्रॉस से जुड़े सदस्यों में असमंजस और नाराज़गी बनी हुई है।
मतदाताओं का कहना है कि चुनाव के बाद जो मतपेटियाँ सील की गई थीं, वे अब कहाँ और किस स्थिति में रखी हुई हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि आगे की प्रक्रिया क्या होगी। क्या इन्हीं मतों की गिनती की जाएगी, या पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर नई रणनीति के तहत फिर से चुनाव कराया जाएगा इन सवालों पर भी प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
आजीवन सदस्यों ने यह भी मुद्दा उठाया कि मतदान स्थल पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सभी उपस्थित लोगों को प्रबंध समिति का सदस्य घोषित किया था। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या वे सभी सदस्य अब भी प्रबंध समिति में बने हुए हैं और क्या उन्हें रेडक्रॉस की सभी गतिविधियों की जानकारी मिल रही है या नहीं।
सदस्यों का यह भी कहना है कि जिला प्रशासन को शीघ्र बताना चाहिए कि क्या रेडक्रॉस चुनाव को शून्य घोषित कर दिया गया है या प्रक्रिया अभी भी जारी है। मौजूदा स्थिति ने रेडक्रॉस से जुड़े आजीवन सदस्यों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके समाधान के लिए वे जिला प्रशासन से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।