पोलायकलां। एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव किसानो के हितों के लिए उज्जैन मे लेंड पुलिंग जैसे फैसलों को वापस ले रहे हैं वहीं पर दूसरी तरफ शाजापुर जिले की अकोदिया मंडी में सचिव चंदरसिंह परमार और व्यापारी की मिली भगत से कई दिनो से मंडी के तौल कांटे मे गड़बड़ी व धोखाधडी का खेल चल रहा था जिसका भंडाफोड़ मंगलवार को किसान की सजगता से हो गया और एसडीएम तहसीलदार से लेकर नापतौल विभाग के साथ किसान संघ मंडी मे पहुंचे और बुधवार को दोपहर दो बजे से ही नापतौल विभाग के द्वारा सभी कांटो की जाँच की गई जिसमे जे एम बी तौल कांटे मे गड़बड़ी देखने को मिली जिसमे बडे कांटे पर नापतौल विभाग के द्वारा तौल करने पर 10 क्विंटल पर 40 किलो ग्राम कम पाया गया।
किसान संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस पूरे घटना क्रम को लेकर भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष सवाई सिंह सिसोदिया किसानो के साथ मंडी प्रगाण पहुंचे जहा पर पूरे प्रशानिक अमले को इस पूरे मामले से अवगत कराया और कहा कि अगर प्रशासन के द्वारा समय रहते दोषियों पर कार्यवाही नही की गई तो इसका खामियाजा प्रशासन को भुगताना पड़ेगा यहां कोई राजनितिक विषय नही है और इसमें चाहे कोई भी राजनेता का हाथ होगा तो किसान संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा क्योंकि किसानों को लाखों रुपए की हानि का सामना करना पड़ा है यहां गोरख धंधा मंडी मे कई दिनो से चल रहा था जो किसान की सजगता से समाने आया साथ ही उन्होंने किसानो को चोर कहने वाले व्यापारी के बेटे पर भी एफ आई आर दर्ज करने की मांग के साथ मंडी सचिव से लेकर तौल कांटे पर कार्यवाही कि मांग कर लायंसेस निरस्त करने की मांग की।
नापतौल विभाग से लेकर तहसीलदार तक लगे पल्ला झाड़ने मे
नापतौल विभाग नायब तहसीलदार मंडी सचिव से लेकर सभी इस पूरे मामले को लेकर सिर्फ जांच व नोटिस का हवाला देकर अपना बचाव करते हुए नजर आए जबकि किसानो के द्वारा नापतौल अधिकारी सचिन चौहन को कांटे पर तौल की गई स्लीप से लेकर दूसरे कांटे पर किए गए वजन का पर्चा भी उपलब्ध करा दिया गया है जबकि खुद नापतौल विभाग के द्वारा जै एम बी तौल कांटे पर तुलाई करने पर एक टन वजन करने पर 40 किलो कम निकला जिसे टेक्नीशियन की जांच के बाद मे कांट को पुनः सील कर दिया गया जिससे यहां साफ जाहिर होता है की पूरा प्रशासन ही मामले को दबाने मे लगा हुआ है और मंडी प्रशासन की छत्रछाया मे यहां गड़बड़ झाला कई दिनो से चल रहा था
मंडी सचिव कि जिम्मेदारी व क्या है नियम
मंडी सचिव की जिम्मेदारी रहती है कि प्रत्येक दिन सचिव के द्वारा उक्त तौल कांट को चौक कर अगर खराबी है तो दूसरा तौल कांट से तौल कराया जावे साथ ही किसानों की तुलाई से लेकर सभी समस्यो का समाधान करे परंतु यहां तो खुद मंडी सचिव चंदरसिंह परमार ने स्टाप का हवाला देकर पूरे मामले से दूरी बनाते हुए दिखाई दिए और कहा कि हमारे पास स्टाफ नही है गार्ड से ही पूरा काम कराया जा रहा है।