खरगोन। कसरावद तहसील के ग्राम सामेडा के ग्रामीणों ने पंचायत में बढ़ती अव्यवस्थाओं और सरपंच-सचिव की कथित मनमानी के खिलाफ गुरुवार को एसडीएम कसरावद को शिकायत-पत्र सौंपकर तत्काल जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में न तो पारदर्शिता है और न ही विकास कार्यों में किसी प्रकार की जवाबदेही दिखाई देती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव एवं सरपंच द्वारा शासन की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, शौचालय निर्माण, वृद्धावस्था पेंशन, आवास मरम्मत अनुदान तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को लाभ नहीं दिया जा रहा है। कई गरीब परिवार लंबे समय से पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पंचायत स्तर पर पक्षपात और मनमानी के कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के कार्य बिना ग्राम सभा की अनुमति के मनमानी ढंग से किए जा रहे हैं और कई बार ग्राम सभा की बैठकें बुलाने की सूचना तक लोगों को नहीं दी जाती। बैठकें जब चाहे तब कर ली जाती हैं, जिसमें गांव के अधिकांश लोग शामिल नहीं हो पाते।
इससे ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णयों में जनता की भागीदारी समाप्त हो चुकी है। शिकायत-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि पंचायत सचिव द्वारा ग्रामीणों के साथ असहयोगपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। ग्राम के वाटर मैन का भी 1 साल से ऊपर की मजदूरी बाकी है समस्याओं के समाधान के लिए किए गए आवेदन महीनों तक लंबित पड़े रहते हैं और पूछने पर टालमटोल की जाती है। पंचायत के खाते, खर्च और विकास कार्यों की प्रगति से संबंधित जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की जाती, जिससे पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो गई है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव का विकास पूरी तरह रुक जाएगा और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाएगा। ग्रामीणों ने एसडीएम से पंचायत के सभी विकास कार्यों, खातों और योजनाओं की पात्रता सूची का विस्तृत ऑडिट करवाने की मांग की है। एसडीएम कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है, जिससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान जल्द होगा।