मनासा। मनासा क्षेत्र के कई गांवों, महागढ़, लोडकिया, देवरी खवासा सहित अन्य स्थानों पर परवाल ग्रुप द्वारा की जा रही। पाइपलाइन कार्य की लापरवाही के कारण किसानों की लगातार तीसरे साल की भी फसलें पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। किसानों ने बताया कि कंपनी के ठेकेदारों ने पिछले वर्ष खेतों में पाइप डालने के बाद कार्य अधूरा छोड़ दिया और कई स्थानों पर खेतों के बीच पाइप खुले ही पड़े हैं।
किसानों के अनुसार इस लापरवाही के कारण, पहले वर्ष गेहूं की फसल खराब हुई, दूसरे वर्ष सोयाबीन की फसल बर्बाद हुई, और इस वर्ष किसान फसल बो ही नहीं सके, क्योंकि जहाँ पाइपलाइन डाली गई थी, वहाँ खुदाई के बाद पत्थर के पहाड़ जैसी ढेरियां छोड़ दी गईं, जिनको हटाए बिना खेती संभव नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ किसानों के पास पहले से कम भूमि है, और इस तरह खेत के बीच छोड़े गए पाइप, गहरी खाइयाँ व पत्थर की ढेरियों ने उनकी खेती बिल्कुल समाप्त कर दी है। बरसात में इन खुले पाइपों और गड्ढों से खेत की उपजाऊ मिट्टी भी बहकर चली गई।
किसानों द्वारा कई बार कंपनी के ठेकेदारों को समस्या बताई गई, लेकिन आरोप है कि ठेकेदारों ने उल्टा किसानों से गाली-गलौज की और कहा कि “हमारे पास सरकारी प्रावधान हैं, हम अपनी मर्जी से काम करेंगे।” किसानों ने एसडीएम और तहसीलदार को भी बार-बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।