पिपलिया मंडी। मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार अवयस्क बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी हेतु चलाए जा रहे “मुस्कान विशेष अभियान” के तहत मंदसौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेर सिंह बघेल के पर्यवेक्षण में पिपलियामंडी पुलिस ने पांच माह से लापता एक बालिका को राजस्थान से सकुशल बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है।

घटना का विवरण-
सूचनाकर्ता ने थाना पिपलियामंडी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 07 जून 2025 को सुबह 10.30 से 10.40 बजे के बीच उसकी अवयस्क पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति घर के पास से बहला-फुसलाकर ले गया। पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी क्रमांक 31/25 तथा अपराध क्रमांक 179/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।

जांच में सामने आया कि बालिका को गोविंद पिता घनश्याम खारोल, निवासी ग्राम चावली, थाना पिपलियामंडी (हामू-झोपड़पट्टी, पिपलियामंडी) अपहृत कर ले गया। प्रारंभिक जांच के बावजूद आरोपी और बालिका की बरामदगी न होने पर मामले को अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मल्हारगढ़ नरेंद्र सोलंकी को सौंपा गया।

कार्रवाई और बरामदगी-
एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी द्वारा आरोपी के संबंध में तकनीकी व व्यक्तिगत जानकारी जुटाई गई। प्राप्त इनपुट के आधार पर थाना प्रभारी पिपलियामंडी निरीक्षक संदीप मंगोलिया व चौकी प्रभारी उनि भीम सिंह राठौर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जिला भीलवाड़ा पुलिस के सहयोग से राजस्थान में सर्च ऑपरेशन चलाया और अंततः बालिका को ग्राम बिलिया कलां, चौकी हमीरगढ़, जिला भीलवाड़ा (राजस्थान) से सकुशल बरामद किया गया। आरोपी गोविंद खारोल को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी पर पहले से दर्ज धारा में वृद्धि करते हुए धारा 64(2)(एम) एवं 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट जोड़ा गया है। आरोपी को न्यायालय प्रस्तुत किया गया। आरोपी गोविंद पिता घनश्याम खारोल (उम्र 21 वर्ष), निवासी ग्राम चावली, झोपड़पट्टी पिपलियामंडी को गिरफ्तासर करने में निरीक्षक संदीप मंगोलिया, उपनिरीक्षक भीम सिंह राठौर, उनि मुलचंद धाकड़, प्रआर आशीष बैरागी, प्रआर मुजफ्फर खान (साइबर सेल), प्रआर अशोक कड़वा, आर मनीष बघेल, आर वाजिद खान, आर अंकित जाट, आर राहुल शर्मा, आर सुरेंद्र व आर गीतम का सराहनीय योगदान रहा। पिपलियामंडी पुलिस एवं साइबर टीम की सतर्कता एवं तकनीकी कार्यशैली से यह सफलता मिली है।
