देवास। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले स्थित आदर्श ग्राम हिवरे बाजार में आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में देवास जिले के आनंद ग्राम सोबल्यापुरा (तहसील-बागली) की टीम ने सक्रिय भागीदारी कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। यह परिसंवाद "परिवार मूलक ग्राम स्वराज व्यवस्था : एक विकल्प" विषय पर आयोजित हुआ, जिसमें देशभर के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। देवास जिला मध्यप्रदेश के सात जिलों में एकमात्र ऐसा जिला है जिसका आनंद ग्राम इस राष्ट्रीय आयोजन में शामिल हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्राम स्वराज व्यवस्था को आनंद ग्रामों द्वारा उत्कृष्ट रूप से प्रतिपादित किए जाने पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह एवं जिला पंचायत की नोडल अधिकारी तथा सीईओ ज्योति शर्मा के मार्गदर्शन में सोबल्यापुरा की टीम ने भाग लिया। टीम में सरपंच अनुबाई लक्ष्मण सिंह परिहार, लक्ष्मण परिहार, विशाल (पिता गंगाराम), रमेश (पिता सुभान) तथा आनंद विभाग की संभागीय समन्वयक डॉ. समीरा नईम शामिल रहीं। डॉ. समीरा नईम ने अपने अनुभवपूर्ण उद्बोधन में जीवन विद्या के परिप्रेक्ष्य से परिवार मूलक ग्राम स्वराज व्यवस्था पर चर्चा की तथा संकल्प प्रस्तुत किए। आयोजन में पद्मश्री पोपटराव पवार (हिवरे बाजार के आदर्श सरपंच), पद्मश्री भारत भूषण त्यागी तथा आनंद विभाग के निदेशक सत्यप्रकाश आर्य का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। हिवरे बाजार, जहां प्रत्येक व्यक्ति लखपति श्रेणी में है, के वाटरशेड प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता एवं ग्रामवासियों के अनुभव अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुए। तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने दर्शन, विद्या एवं व्यवस्था के क्षेत्रों में नवीन संकल्प लिए। इसी अवसर पर रालेगण सिद्धि में समाजसेवी अन्ना हजारे से भी मुलाकात कर मार्गदर्शन प्राप्त किया गया। मध्यप्रदेश की सातों आनंद टीमों ने परस्पर सहयोग एवं अनुभव साझा करते हुए ग्राम स्वराज तथा आनंद आधारित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण आदान-प्रदान किया। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि आनंद ग्राम सोबल्यापुरा को मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट मॉडल आनंद ग्राम बनाया जाएगा।