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December 29, 2025, 3:25 pm
BIG NEWS : नीमच में टूटा भरोसे का बाजार, बहादुर सोनी के निधन के बाद किसानों व ग्राहकों की करोड़ों की जमा पूंजी अटकी, पीड़ित पहुंचे एसपी कार्यालय, ज्ञापन सौंप उठाई आवाज, पढ़े खबर 

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नीमच। सराफा बाजार में वर्षों तक विश्वास का पर्याय रहे बहादुर सोनी के आकस्मिक निधन के बाद अब एक गंभीर आर्थिक संकट सामने आया है। ‘सत्यम ज्वैलर्स’ में किसानों, व्यापारियों एवं आम नागरिकों की करोड़ों रुपये की जमा पूंजी और बहुमूल्य आभूषण फंसे होने का मामला उजागर हुआ है। बुधवार को बड़ी संख्या में पीड़ित ग्राहक न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

पीड़ितों का कहना है कि किसी ने जीवनभर की पूंजी जमा कराई थी, तो किसी ने बेटियों के विवाह के लिए सोना-चांदी और नकद राशि फर्म को सौंपी थी। बहादुर सोनी के निधन के बाद यह समूची अमानत अनिश्चितता में चली गई है और अब जवाबदेही तय करने वाला कोई सामने नहीं आ रहा।

ग्राहकों ने आरोप लगाया कि प्रकरण से जुड़े परिजन और साझेदार जानबूझकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, जबकि वे फर्म की व्यावसायिक गतिविधियों से पूरी तरह परिचित थे। अब तक किसी ने भी पीड़ितों की राशि लौटाने की जिम्मेदारी नहीं ली है।

पीड़ितों ने बताया कि बहादुर सोनी द्वारा फर्म के लेटरपैड पर विधिवत रसीदें जारी की गई थीं। लेन-देन से जुड़े ठोस दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद न तो कोई स्पष्ट जवाब दिया गया है और न ही कोई समाधान सामने आया है।

इस पूरे मामले में किसान वर्ग सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है। कई किसानों ने फसल बेचकर, कर्ज लेकर अथवा जमीन गिरवी रखकर गहनों के लिए राशि जमा कराई थी। आज वहीं किसान मानसिक तनाव और आर्थिक संकट के चलते प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं।

पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उनकी अमानत उन्हें वापस दिलाई जाए। इस प्रकरण का असर नीमच की आर्थिक व्यवस्था पर भी पड़ता दिख रहा है।

सराफा बाजार से जुड़ा यह मामला अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। आमजन के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि वर्षों के भरोसे पर खड़ा एक प्रतिष्ठित नाम कैसे सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर गया। अब नीमच की जनता की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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