नीमच। अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावना अमृत संघ (इस्कॉन) द्वारा आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की तृतीय महारथ यात्रा शुक्रवार को माहेश्वरी भवन से श्रद्धा, उल्लास और हरिनाम संकीर्तन के बीच भव्य रूप से प्रारंभ हुई। ष्जय जगन्नाथष् एवं ष्हरे कृष्ण-हरे रामष् के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महारथ यात्रा में शामिल होकर भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
वैष्णव परंपरा के अनुरूप भगवान की विशेष पूजा-अर्चना, आरती एवं संकीर्तन के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात सुसज्जित महारथ पर विराजित भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हरिनाम संकीर्तन करते हुए नगर भ्रमण किया। भगवान जगन्नाथ का आकर्षक बाल रथ भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना, जिसने सभी का मन मोह लिया।
महारथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई निकली, जहां विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। संकीर्तन मंडलियों की मधुर प्रस्तुतियों और भक्तिमय वातावरण ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
इस्कॉन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। यात्रा के समापन पर भगवान श्री जगन्नाथ को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाप्रसाद भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। यह महारथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी देती नजर आई।