नीमच। एक किसान की मौत ने पूरे गांव को सड़क पर ला दिया। खेत में नीचे लटके बिजली के तार ने 40 वर्षीय भगतराम गुर्जर को ऐसा झटका दिया कि वह कभी घर नहीं लौट सके। परिवार उनकी राह देखता रह गया, लेकिन घर पहुंची तो सिर्फ मौत की खबर। मृतक के छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों का विलाप देख हर आंख नम हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर तीन घंटे तक चक्काजाम किया और बिजली विभाग की कथित लापरवाही के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
खेत में दवाई का छिड़काव करने गए थे भगतराम-
जानकारी के अनुसार ग्राम पिराना निवासी भगतराम पिता बापूलाल गुर्जर (40) शुक्रवार सुबह अपने खेत में फसल पर दवाई का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन का एक तार नीचे लटका हुआ था, जिसकी चपेट में आने से उन्हें जोरदार करंट लग गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें जीरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गुस्साएं ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर शव रख किया प्रदर्शन-
घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और गुर्जर समाज के लोग जीरन पहुंचे और शव को मुख्य मार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की विद्युत लाइन लंबे समय से जर्जर हालत में है और कई स्थानों पर तार नीचे लटके हुए हैं। इसकी शिकायतें कई बार बिजली विभाग को की गईं, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की, जिसका खामियाजा एक किसान को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा।
दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग-
ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता, दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने और पूरे क्षेत्र की जर्जर विद्युत लाइनों की जांच कर उन्हें दुरुस्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष मदन गुर्जर सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि एवं समाजजन भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने मृतक परिवार को न्याय दिलाने की बात कही।
अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त हुआ चक्काजाम-
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उमेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा शासन के प्रावधानों के तहत मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया।
नीमच जिला अस्पताल में हुआ पीएम-
गुस्साएं परिजनों को शांत करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय नीमच पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिजली लाइनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल-
ग्राम पिराना की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर और नीचे लटकी विद्युत लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो संभवतः एक किसान की जान बचाई जा सकती थी। अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए जिलेभर में विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।