नीमच। जिले में मृत पशु निस्तारण व्यवस्था को लेकर वाल्मिकी समाज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने बताया कि वे वर्षों से शासन के निर्देशों के अनुसार नगर पालिका, जनपद पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई तथा मृत पशु निस्तारण का कार्य ईमानदारी एवं धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप करते आ रहे हैं, इसके बावजूद समाज को बदनाम किया जा रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कुछ ठेकेदारों द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए मृत पशुओं के अवशेषों का अवैध व्यापार किया जा रहा है, जिससे वाल्मिकी समाज की सामाजिक छवि प्रभावित हो रही है। रामनगर एवं सीताखेड़ा क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियों की शिकायतें सामने आने के बावजूद संबंधित ठेके पुनः आवंटित किए जाने से समाज में रोष व्याप्त है।
समाजजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने एवं जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जो कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
वाल्मिकी समाज ने कलेक्टर से मृत पशु निस्तारण से जुड़े ठेकों की निष्पक्ष जांच कराने, नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के ठेके निरस्त करने तथा यह कार्य समाज के योग्य एवं अनुभवी लोगों को सौंपने की मांग की है। साथ ही समाज के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने का भी आग्रह किया गया।
समाज ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।