नीमच। कर्म और परिश्रम के बिना जीवन में प्राप्त होने वाली संपदा का सच्चा सुख नहीं मिलता। जो व्यक्ति स्वयं पुरुषार्थ करता है, उस पर अंबा माता की विशेष कृपा बनी रहती है। परिश्रम और पुरुषार्थ के बिना आत्मा का कल्याण संभव नहीं है। संसार की मोह-माया में रहते हुए भी यदि व्यक्ति माता-पिता एवं गौ माता की सेवा करता है, तो उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
यह उद्गार अंबाजी धाम निपानिया, जिला मंदसौर से पधारे परम पूज्य गुरुदेव सरकार ने समीपवर्ती ग्राम जमुनिया खुर्द में सोनगरा (राजपूत) परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के दौरान व्यक्त किए।
गुरुदेव सरकार ने युवाओं से आह्वान किया कि वे व्यसन एवं दिखावटी फैशन से दूर रहकर परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन नैतिकता एवं ईमानदारी के साथ करें। ऐसा करने से सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आय का कम से कम 10 प्रतिशत नियमित रूप से दान करना चाहिए, जिससे धन पवित्र होता है।
उन्होंने बताया कि गौ माता के शरीर में 33 कोटि देवी-देवता विराजमान रहते हैं। यदि मन में छल न हो, तो शिवजी पर चढ़ाया गया जल भी फलदायी होता है। प्रत्येक सनातन हिंदू परिवार को अपने आंगन में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए और नियमित पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
गुरुदेव सरकार ने कहा कि जब-जब धरती पर असुरों का अत्याचार बढ़ा है, तब-तब माता ने अवतार लिया है। पावागढ़ की कालिका माता, हिंगलाज माता एवं शाकंभरी माता इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने वर्तमान समय में विवाह विच्छेद की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नारी शक्ति में संस्कारों की कमी इसका मुख्य कारण है। माता-पिता यदि स्वयं अच्छे कर्म करेंगे, तभी संतान भी संस्कारी बनेगी।
शिव-पार्वती विवाह प्रसंग की व्याख्या करते हुए गुरुदेव ने कहा कि जहां सम्मान न मिले, वहां चाहे सोना ही क्यों न बरसे, नहीं जाना चाहिए और जहां सम्मान मिले, वहां पत्थर भी बरसें तो वहां जाना चाहिए।
आज सजेगा दिव्य दरबार-
मंगलवार को रात्रि 8 बजे श्रीमद् देवी भागवत भक्ति पंडाल में परम पूज्य गुरुदेव सरकार अंबाजी धाम निपानिया का दिव्य दरबार आयोजित किया जाएगा।
शिव-पार्वती विवाह की झांकी बनी श्रद्धा का केंद्र-
कथा के दौरान जब शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, तो भक्ति पंडाल “जय जय शिवशंकर” एवं “अंबे माता की जय” के जयघोष से गूंज उठा। भोलेनाथ का अभिनय वीरेंद्र सिंह ने किया। नृत्य नाटिका में शिव की भूमिका सुश्री अर्पिता सिंह राठौड़ एवं पार्वती की भूमिका शानवी शिंदे ने निभाई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
शिवजी की बारात बैंड-बाजों के साथ कथा पंडाल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बारात समीपवर्ती ग्राम रावतखेड़ा निवासी दिग्विजय सिंह राठौड़ परिवार के यहां से आई। वधू पक्ष की ओर से ओमराव मराठा ने स्वागत किया, वहीं मायरा बबलू भाई मावे वाले नीमच की ओर से प्रस्तुत किया गया।