भगवानपुरा। भगवानपुरा नगर की धार्मिक परंपरा में एक शुभ एवं ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। नगर के सुप्रसिद्ध दक्षिणमुखी श्री हनुमान मंदिर के भव्य जीर्णाेद्धार के पश्चात पहली बार ग्राम की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना के साथ संगीतमय सात दिवसीय श्री हनुमान कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 8 जनवरी से 14 जनवरी तक मुख्य चौराहा स्थित गरबा पांडाल परिसर में होगा, जबकि 15 जनवरी को पूर्णाहुति एवं प्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
हनुमान कथा का दिव्य रसपान जगतगुरु शंकराचार्य के शिष्य, परम पूज्य संत श्री हनुमान दास जी महाराज (श्रीधाम प्रयागराज) के पावन मुखारविंद से कराया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक होगी।
कथा के शुभारंभ अवसर पर 8 जनवरी को नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा श्री राम मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी, जिसमें नगर एवं आसपास के ग्रामों की महिलाएं एवं बालिकाएं श्रद्धा-भक्ति के साथ सहभागी बनेंगी।
श्री राम मंदिर समिति के वरिष्ठ सदस्य राधेश्याम पाटीदार एवं सचिन सेन ने बताया कि दक्षिणमुखी पवनसुत हनुमान जी महाराज वर्षों से यहां विराजमान हैं। मान्यता है कि इस संकटमोचन धाम में जो भी भक्त सच्चे मन से शीश नवाता है, उसके समस्त संकट प्रभु हर लेते हैं। समिति द्वारा पुराने जर्जर मंदिर के स्थान पर 30×100 फीट आकार का बहुमंजिला भव्य मंदिर निर्मित किया गया है, जिसकी लागत 60 लाख रुपये से अधिक है। यह निर्माण दानदाताओं एवं समिति के सहयोग से पूर्ण हुआ है।
जीर्णाेद्धार के पश्चात पहली बार आयोजित हो रही श्री हनुमान कथा को लेकर नगर सहित ग्रामीण अंचल में हर्ष एवं उल्लास का वातावरण है। उल्लेखनीय है कि संत श्री हनुमान दास जी महाराज पूर्व में भी श्रीराम मंदिर स्थापना अवसर पर राम कथा का रसपान करा चुके हैं। श्रद्धालुओं की लंबे समय से यह आस्था थी कि हनुमान कथा का श्रवण भी उन्हीं के श्रीमुख से करने का सौभाग्य प्राप्त हो।
श्री राम मंदिर समिति द्वारा काबरी, धूलकोट, सुखपुरी, पीपलझोपा, सिरवेल, मोहना, बहादरपुरा, नागरखेड़ी, भग्यापुर, बाड़ी, बागदरी सहित आसपास के ग्रामों में आमंत्रण पत्र वितरित कर श्रद्धालुओं से सह-परिवार पधारकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया गया है।