चित्तौड़गढ़। विगत कई समय से अपनी लम्बित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने के चलते राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन के तत्वावधान में जिले की समस्त आशा सहयोगिनियों द्वारा शुक्रवार 23 जनवरी को जिला कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर मानव शृंखला बनाई और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
अध्यक्ष चंदा सुखवाल ने बताया कि पिछले बजट में सरकार द्वारा कोई भी घोषणा नहीं की गई थी। फिल्ड में काम कर रही लाखों वर्कर्स सरकार की उपेक्षाओं से घोर निराशा में है। ये पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निरन्तर निर्वहन करती आ रही है किन्तु इनकी मांगों पर सरकारें निरन्तर अपने पल्ला झाड़ रही है। आज तक आशावर्कर्स को न तो मजदूर का दर्ज मिला न ही कर्मचारी का। इसी से रोषित जिला कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जिसमें स्थायी कर्मचारी बनाये जाने तक न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, सेवानिवृत्ति पर 10 हजार मासिक पेंशन देने, ऑनलाईन कार्यों हेतु मोबाईल व डाटा उपलब्ध करवाने, आयुष्मान व आभा आईडी ऑपरेटर तय करने, आशा की ड्यूटी का समय निर्धारित करने व बैठने के लिए निर्धारित स्थान तय करने, आशाओं से तय काम ही कराया जाने सहित ऑनलाईन कार्य का इंसेटिव दिये जाने की मांग की गई।
इस दौरान एटक से प्रभात सिन्हा, नागेश तेली, राजमल शर्मा, डॉ. ओपी भण्डारी, महिला प्रगतिशील फेडरेशन की जिलाध्यक्ष कॉ. राधा भण्डारी, सीटू जिला महामंत्री आरके सिंह, जिला उपाध्यक्ष कॉ. रतनलाल शर्मा, सीटू उदयपुर के अजा, जजा जिलाध्यक्ष कॉ. हीरालाल सालवी सहित यूनियन अध्यक्ष चंदा सुखवाल, महामंत्री राधा जोशी, तब्बसुम खान, चित्रलेखा, भगवती गुर्जर, अन्नपूर्णा, दुर्गा पारीक, इन्दिरा सेन, मंजु जैन, मधु वैष्णव, पुष्पा गुर्जर, कमलेश पाराशर, राजीविका जिलाध्यक्ष कैलाश कंवर सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रही।