माउंट आबू। शिव की उपनगरी और अर्ध काशी के रूप में प्रसिद्ध माउंट आबू में चल रहे तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आज दूसरा दिन भक्ति और श्रद्धा के रंग में सराबोर रहा। देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भगवान शिव के दरबार में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की।
रात्रि में चार पहर की विशेष पूजा का आयोजन हुआ, जिसमें महिला-पुरुष श्रद्धालु पूरी रात भजन-कीर्तन और जलाभिषेक में शामिल रहे।
अचलेश्वर महादेव बना मुख्य आकर्षण
माउंट आबू स्थित शिव के अंगूठे के रूप में प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर को पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया। मंदिर परिसर में फूलों का आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहां शिवलिंग की अंगूठे के रूप में पूजा की जाती है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है।
चंद्रप्रभास तीर्थ में भी रात्रि भर पूजा
स्कंद पुराण में वर्णित चंद्रप्रभास तीर्थ में स्वामी सच्चिदानंद की सानिध्य में शिव पूजा और अनुष्ठान जारी हैं। श्रद्धालु संत सरोवर स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर में भी दर्शन कर मनोकामनाएं मांग रहे हैं।
108 मंदिरों में लगी श्रद्धालुओं की कतार
सुबह से ही प्रसिद्ध 108 शिव मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बिल्वपत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
रात्रि 6 बजे से सुबह 5 बजे तक चार पहर की पूजा
रविवार शाम 6 बजे से शुरू हुई चार पहर की पूजा सोमवार सुबह 5 बजे तक चली, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। काशी विश्वनाथ धाम से जुड़े प्राचीन शिव मंदिरों में भी पूरी रात पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा।
तीन दिवसीय महोत्सव में विद्वान शास्त्री पुष्पेंद्र सनाढ्य द्वारा प्रधान पुजारी शरण महाराज की सानिध्य में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर माउंट आबू पूरी तरह “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला।