नीमच। मध्यप्रदेश में अधिवक्ता की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने वकील समुदाय को गहरे आक्रोश में डाल दिया है। इसी के विरोध में जिला अभिभाषक संघ, नीमच के आह्वान पर सोमवार को जिलेभर के अधिवक्ता न्यायालयीन कार्य से पूर्णतः विरत रहे।
अदालत परिसरों में अधिवक्ताओं ने न्यायालयीन कार्य से विरत रहकर तीखा प्रतिवाद दर्ज कराया। नीमच जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष मनीष जोशी ने बताया कि 14 फरवरी को करेरा-शिवपुरी अधिवक्ता संघ के अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की उस समय नृशंस हत्या कर दी गई, जब वे वर्दी में न्यायालय जा रहे थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
इस घटना के विरोध में मध्यप्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर प्रदेशभर के अधिवक्ता एकजुट हुए हैं। नीमच में भी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि शीघ्र ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
अधिवक्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से सुरक्षा कानून की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वकीलों की महापंचायत में कानून लागू करने का दिया गया आश्वासन भी अब तक अधूरा है।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि न्याय दिलाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नीमच के अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक सुरक्षा की ठोस गारंटी नहीं दी जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।